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Wednesday, February 2, 2011

दोस्त



मेरे दोस्त मेरे यार, याद है मुझे वो तेरा निछल प्यार.
गाता है मेरा तार तार, करती हूँ मैं तुम्हे याद बार बार.
 
कभी कभी मैं सोचा करती थी, तुम धोखेबाज...हो,
जो तुम मेरे पीठ पीछे, मेरी बातें करते किया करते हो.
उन्हें चुपके से एक टेप में रिकॉर्ड करू,
फिर कभी फुर्सत में उसे सुनु.

सुना तो ऐसा लगा कितना ग़लत थी मैं,
तुम ही मेरे सचे यार हो, स्वार्थी थी मैं.



याद है मुझे वो रूठना मानना,
कई बार एक दूजे के साथ कोई फिल्मी गाना गुनगुनाना.
तुम हो मेरे मन के एक तार,
तुम ही मेरे जीवन के हो सार.
मेरे दोस्त मेरे यार
याद है मुझे वो तेरा निछल प्यार. 
 
~'~hn~'~
(Written in 10th Std after a fight and then patch-up with my friend)

2 comments:

simran said...

Dosti hi hai saccha pyar :)
Very Nice :)

Hema Nimbekar said...

thx :)

How u find my blog??

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